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सांसद कौशल किशोर की अगुवाई में हजारों युवकों ने लिया नशा न करने का संकल्प

गुरुवार को लखनऊ स्थित गांधी भवन सभागार में सांसद कौशल किशोर ने नशा मुक्त समाज आंदोलन का पहला संकल्‍प समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जी के साथ में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह जी बाराबंकी से भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत, मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष लाल जी निर्मल आदि के साथ हजारों लोगों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में प्रोत्साहित करने वाले करीब लगभग 500 लोग मौजूद रहे।

संकल्प कर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद कौशल किशोर ने कहा कि आगामी 10 जनवरी को 2000 संकल्प कर्ताओं को वे नशा न करने का संकल्प दिलाएंगे और इन दो हजार संकल्प कर्ताओं के से बात करने के लिए 10 वालंटियर की टीम गठित करेंगे जो इन से महीने में 5 बार फोन द्वारा संपर्क कर इन्हें नशा मुक्त समाज आंदोलन में अन्य लोगों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। जहां पर कोई कमी आ रही है उसको दूर करेगी।

आपको बता दें कि बीते अक्टूबर में 19 तारीख को सांसद कौशल किशोर के मंझले पुत्र आकाश किशोर उर्फ जेबी का बीमारी के चलते निधन हो गया था। आकाश किशोर मात्र 28 वर्ष की उम्र में शराब के अत्याधिक सेवन के चलते अस्पताल में भर्ती हुए जहां पर उन्हेंजहां पर उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मृत्यु हो गई। बेटे की मौत आहत होकर सांसद कौशल किशोर एवं उनकी पत्नी मलिहाबाद विधायक जय देवी ने यह संकल्प लिया कि अब किसी और का पुत्र, पति, भाई नशे के कारण न मरे इसलिए समाज से नशे को समाप्त करना है। इसी क्रम में उन्होंने शराब मुक्त समाज की स्थापना के लिए आंदोलन को चलाया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हर गांव कस्बे में छोटी-छोटी टोली और समूह बनाकर नशे करने वाले लोगों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में बताना है। उन्‍हें जागरूक करना है और धीरे-धीरे नशे को समाज से हटाना है। जिस दिन नशा मुक्त समाज स्थापित हो जाएगा उस दिन सही मायने में हमारा राष्ट्र विश्व गुरु बन जाएगा। इसलिए समाज से नशे को हटाना है क्योंकि यह नशा युवाओं में जहर घोलता है। नशा करने वाला युवक या युवती अपनी इच्छाशक्ति को खो देती है और उसका समाज में कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की जिसमें मुख्य रुप से साईं ट्रस्ट आर आर ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मंजिल ग्रुप, आज संगठन रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मनकामेश्वर मंदिर के महंत दिव्या गिरी,प्रभात किशोर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विकास किशोर, भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष केके रघुवंशी, सांसद प्रतिनिधि प्रवीण अवस्थी, दिनेश सिंह सिद्धार्थ पांडे सुबोध कुमार ज्ञानचंद ज्ञानी ज्ञान सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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मेरी मृत्यु क्यों

मैं आकाश किशोर उर्फ जेबी हूं।

मेरे मम्मी पापा ने मुझे बड़ी हसरत से बहुत दुख झेल कर पाला था बड़ा किया था। पढ़ाने का भी प्रयास किया मगर इंटर तक ही शिक्षा ग्रहण कर पाया। मैं जो कुछ भी करता था मेरे मम्मी पापा सब कुछ मानते थे। मेरे पास किसी चीज की कमी नहीं थी। मम्मी पापा मेरे भाई मेरे परिवार के लोग चाचा और बड़े बाबू, छोटे बाबू, मेरे चचेरे भाई-बहन मुझे बहुत चाहते थे। मेरी बहुत चिंता करते थे। मैं बगैर बताए कहीं भी चला जाता था जब तक नहीं आ जाता था तब तक पता लगाते रहते थे। मम्मी-पापा ने मेरी शादी बहुत धूमधाम से की। मेरी शादी में इतने ज्यादा लोगों को आमंत्रित किया गया कि लगभग 40-50 हजार लोग प्रीतिभोज में सम्मिलित हुए। सबने मुझे सुखी रहने का और मेरी पत्नी को सौभाग्यवती होने का बेहतर जिंदगी एक नई जिंदगी जीने का आशीर्वाद दिया। लेकिन मैं आज नहीं हूं, मैं स्वर्गीय हो गया हूं, मेरी पत्नी अब सौभाग्यवती नहीं रही विधवा हो गई है। मेरे मम्मी-पापा मेरे सभी भाई एवं सभी परिवार के सदस्य मेरे न रहने पर तड़प रहे हैं। इस सब का दोषी मैं हूं। मम्मी-पापा का पूरे परिवार का सब कुछ कहना मैंने माना लेकिन एक कहना नहीं माना, मैं चोरी छुपे शराब पीता रहा जिससे मेरा लीवर कमजोर हो गया। मेरे शरीर की छमता शराब पीने लायक नहीं थी। मैने फिर से शराब पीना शुरु कर दिया। इस बीच मेरे पापा करोना पॉजिटिव हो गए।  इसके लिए पापा को दो बार अस्‍पताल में भर्ती होना पड़ा। मेरे पापा को मौत के मुंह से निकल कर एक नई जिंदगी मिली। मगर मैं इस बीच शराब फिर से पीने लगा, जो मेरे लिए जहर थी। मेरे घरवाले जान नहीं पाते थे। कुछ लोगों को फोन करके मैं शराब मंगा लेता था, और चोरी-छिपे पी लेता था। नतीजा यह निकला कि मुझे फिर से ज्वाइंडिस हो गया। मैंने अपने पापा को बताया। पापा ने डॉक्टर से बात करके मेरा करोना टेस्ट कराया। शनिवार 17 अक्टूबर 2020 को सुबह मुझे खून की उल्टी हुई। मैंने पापा से बताया पापा ने मेरे भाइयों को तत्काल शताब्दी हॉस्पिटल में भेज कर मुझे भर्ती कराया। मेरे पेट में ब्लीडिंग हो रही थी। डॉक्टर साहब ने एंडोस्कोपी करके मेरा बहता हुआ खून बंद किया। खून की बहुत कमी आ गई थी। मेरे भाई मेरे मित्रों ने खून देकर मुझे बचाने का प्रयास किया। डॉक्टरों के लाख प्रयास करने पर भी मैं अपनी पत्नी अपने भाइयों और दोस्तों से बात करते अचानक मेरी आंखें बंद हुई और मैं इस दुनिया में नहीं रहा। मुझे यह उम्मीद नहीं थी कि मैं शराब पीने से मर जाऊंगा। क्योंकि बहुत लोग शराब पीते हैं, उनको कुछ नहीं होता लेकिन मेरी शराब से मौत हो गई। इसका कारण यह है कि मेरा शरीर नशा झेलने की क्षमता में नहीं था, क्योंकि मेरे मम्मी-पापा किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हैं। मैं उन्हीं की संतान था, इसलिए नशा करने के लिए मेरा शरीर सहने की स्थिति में नहीं था। मैंने अपने मम्मी-पापा और भाइयों का कहना नहीं माना और आज मैं इस दुनिया में नहीं हूं। मेरा 2 साल का बेटा कृष्णा जीसे कुछ भी नहीं मालूम कि पापा कहां चले गए वह बगैर बाप का हो गया मेरी पत्नी विधवा हो गई। मेरे मम्मी पापा इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। आज मेरे चार भाई की जगह केवल तीन भाई बचे हैं। यदि मैं शराब नहीं पीता होता तो मैं आपके बीच होता। आज मेरी शोकसभा नहीं हो रही होती, जो मेरे लिए शोक हो रहा है यह नहीं होता। मैंने बहुत बड़ी गलती की है। लेकिन यह गलती अब वापस नहीं हो सकती। इसलिए मैं सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए विनती करता हूं कि यदि आप किसी प्रकार का नशा करते हैं तो उसे छोड़ दें। अपने बच्चे को नशे से दूर रखें। जो लोग दूसरों को नशा कराते हैं उन से अनुरोध है कि ऐसा न करें। किसी के जीवन से न खेलें नशा केवल घर ही नहीं बर्बाद करता बल्‍कि नशा करने वाले व्यक्ति को ही बर्बाद कर देता है। पूरे परिवार को बर्बादी की दहलीज पर लाकर खड़ा कर देता है। मैं इस गलती को स्वीकार करता हूं, मेरी तो मौत हो गई अब मैं वापस नहीं आ सकता लेकिन नशे के कारण किसी और की मौत न हो इसके लिए आप शराब पर रोक लगा सकते हैं, जो लोग शराब पीते हैं उनको शराब पीने से रोक सकते हैं। आप सब को यह काम मेरी मौत से सबक लेकर करना चाहिए। नशे की लत बहुत खराब होती है यह दिमाग को कमजोर कर देता है। जो मना करता है उसकी बात बुरी लगती है। समाज में प्रतिष्ठा बचाने के लिए नशा करने वाला आदमी झूठ बोलता है, मैंने भी यही किया मम्मी-पापा को धोखा दिया। भाइयों को धोखा दिया झूठ बोला काश मैं उनकी बात मान लेता तो आज मैं आपके बीच में होता। मेरा बेटा बगैर बाप का नहीं होता, मेरी पत्नी विधवा नहीं होती। मेरे मम्मी-पापा मेरे भाई-बहन मेरे परिवार के लोग आज तड़पते नहीं। मुझे माफ करना मैं जानता हूं कि आप लोग मेरे लिए शोक कर रहे हैं, दुख प्रकट कर रहे हैं, मेरी आत्मा को शांति आपके शांति पाठ से आपके शोक सभा से कुछ अंश तक जरूर मिलेगी, लेकिन मेरी आत्मा को पूर्ण शांति तभी मिलेगी जब आप एक आंदोलन चलाकर नशे को पूरी तरह से बंद करेंगे, और नशे के द्वारा किसी की भविष्य में मौत नहीं होने देंगे। जब यह आप करेंगे तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी।

आपका बिछडा़ हुआ अभागा स्वर्गीय आकाश किशोर उर्फ जेबी